हनुमान जयन्ति

*प्रिय बन्धुओं जय श्री राम*
*हम सभी जानते है कि चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्म हुआ था सभी सनातन धर्मी इसे हनुमान जयंती कहते है। परंतु अपने समाज मे यह प्रचलित है कि व्यक्ति जब तक जीवित रहता है तब तक उसका जन्मोत्सव या जन्मदिन मनाया जाता है। उसकी मृत्यु के बाद वह जन्म दिन जयंती हो जाता है।*
     *हम जानते है कि इस कलियुग में भी हनुमान जी है और उन्हें अजर अमर का वरदान मिला था। अतएव वह जीवित है तो हम उनकी जयंती कैसे मना सकते है। हमे तो उनका जन्मोत्सव मनाना चाहिए। इसलिए हम सभी अब से हनुमान जन्मोत्सव ही मनाएं। तथा यह अनुरोध सभी सनातन धर्मियों से भी करें।*
*जय श्री हनुमान*

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